Skip to main content

Posts

Showing posts from September, 2025

आत्मोत्थान सर्वोपरि: आध्यात्मिक मार्ग के 9 आईआईटी अभियंता पथिक

आत्मोत्थान सर्वोपरि: आध्यात्मिक मार्ग के 9 आईआईटी अभियंता पथिक आत्मोत्थान सर्वोपरि: आध्यात्मिक मार्ग के 9 आईआईटी अभियंता पथिक कॉर्पोरेट सफलता से आत्मिक शांति की ओर प्रेरक यात्रा स्वामी मुकुंदानंद (आई आई टी दिल्ली, परिवर्तन वर्ष 1985, तत्कालीन आयु ~25 वर्ष) कॉर्पोरेट जीवन की संभावनाओं से भरे युवा मुकुंदानंद जी ने आई आई टी दिल्ली और आईआईएम कोलकाता से शिक्षा प्राप्त की थी। लेकिन उनके भीतर एक गहरी पुकार थी—एक ऐसी पुकार जो उन्हें योग, ध्यान और आत्मिक सेवा की ओर खींच रही थी। 1985 में उन्होंने सब कुछ छोड़कर सन्यास लिया और जेकेयोग की स्थापना की। आज वे अमेरिका और भारत में हजारों लोगों को जीवन के संतुलन और आत्मिक विकास का मार्ग दिखा रहे हैं। गौरांग दास (आई आई टी मुंबई, परिवर्तन वर्ष 1993, तत्कालीन आयु ~22 वर्ष) गौरांग दास जी ने आई आई टी मुंबई से केमिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की थी। लेकिन उनका मन भक्ति की ओर आकर्षित था। 1993 में उन्होंने इस्कॉन से जुड़कर कृष्ण भक्ति को अपना जीवन बना लिया। उन्होंने भक्ति को पर्यावरणीय स...